दोस्तों यह अभियान हमने अपने समाचार पत्र के माध्यम से लगभग दो माह पूर्व शुरू किया था और फेसबुक ग्रुप के माध्यम से सभी से जुड़ने का प्रयास किया और चीनी प्रोडक्ट्स को छोड़ने का अनुरोध भी किया था। हमारा प्रयास काफी हद तक सफल रहा मगर जब देश का प्रधानमंत्री कहे लोकल ही वोकल। इसके पश्चात कोई गुंजाइश नहीं रह जाती है कि हमें चाइना उत्पादों को यूज़ करना बंद कर देना चाहिए। यह अभियान इस समय पूरे देश में चोर पकड़े हुए हैं और हिंदुस्तानी महंगे से महंगे उत्पादों को सड़क पर रखकर आग के हवाले कर दे रहे हैं तो यह अभियान सफल होना तय हैं।
यह हम हिंदुस्तानियों की देन है की चाइना आज हमें ही आंखें दिखा रहा है उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला हिंदुस्तान ही है। यह हम भी जानते हैं की चाइना की अर्थव्यवस्था को बुलंदियों तक ले जाने वाला केवल हिंदुस्तान है और चाइना यह भी जानता है की उसके द्वारा तैयार किए जाने वाला सामान सबसे अधिक केवल भारत में ही भेजा जा सकता है। इसी कारण अब चाइना अलग अलग तरीके के हथकंडे अपना रहा है। चाइना द्वारा तैयार किया जाने वाला माल का 80% केवल भारत में खा पाया जाता है। अब भारत सरकार के आधा दर्जन से ज्यादा उपक्रम जैसे बीएसएनल रेलवे एवं अन्य ने चीनी कंपनियों से अनुबंध तोड़ने की तैयारी कर ली है। आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुली मंच से चाइना द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को खरीदने से इनकार किया है और पूर्व में खरीदे गए प्रोडक्ट्स को यूज़ ना करने की सलाह दी है। राजनेताओं द्वारा खुले मंच पर विरोध करने का असर यह हुआ है कि अब आम जनता नहीं मोबाइल में उपयोग होने वाली चाइना एप्स को भीअभी मोबाइल से हटाना शुरू कर दिया है। इसका मतलब साफ है की जनता भी चाइना उत्पादों का बहिष्कार करने का पूरा पूरा मन बना चुकी है।
अब देश में निजी कंपनी जिनका चाइना कंपनियों के साथ व्यापार चल रहा है अब उन्होंने अपना मन बनाया है की स्पेयर पार्ट्स कच्चा माल भारतीय कंपनियों से ही लिया जाए। जब हालात इस तरह के पैदा होने लगते हैं तो निश्चित ही उस देश की सरकार को चिंतन करना चाहिए। चाइना सरकार इस समय वही कर रही है। लगातार विरोध की खबर आने के बाद चाइना में अपना रवैया नरम किया और बॉर्डर पर नरम और गरम दोनों ही तरीके से भारत सरकार का दबाव बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है मगर इस बार लगता है भारत सरकार ने अपना मन बना लिया है की चाइना को वास्तविकता का धरातल दिखा ही देना है और इस अभियान में पूरा देश सरकार के साथ खड़ा हुआ है। चाइना की अर्थव्यवस्था निश्चित ही डगमगा जाएगी क्योंकि जिस देश का बाजार ही उजड़ जाए तो उसके पास बचता क्या है।