राजधानी के द्वार पर प्रदर्शन कर रहे किसान और सरकार के बीच पांचवें दौर की वार्ता भी आज बेनतीजा ही समाप्त हो गई। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार के मंत्री अधिकारी एवं किसानों के बीच लगभग 5 घंटे तक बैठक चली मगर नतीजा कोई भी नहीं निकल पाया आखिर किसान केंद्रीय मंत्रियों के आश्वासन लेकर ही वापस लौटे। दिल्ली की तरफ कूच कर रहे किसानों पर गौतमबुध नगर पुलिस ने दबाव बनाकर रोकने का सफल प्रयास किया और जानकारी के अनुसार पुलिस ने कुछ किसानों पर लाठियां भांजी।
लगभग 10 दिन से किसान राजधानी के बॉर्डर पर संघर्ष कर रहे हैं अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से, मगर इसके बावजूद भी सरकार केवल वार्ता और वार्ता की आगामी तारीख ही दे पा रही है। किसानों को देने के लिए इसके अतिरिक्त सरकार के पास कुछ और नजर नहीं आ रहा है। संघर्षरत किसान भी इसी कारण सरकार पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि 5 दौर की वार्ता के दौरान सरकार की तरफ से कोई भी विश्वसनीय भरोसा नहीं दिया गया। किसानों का कहना है अगर पांच दौर की वार्ता के दौरान सरकार किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है तो आगे ही क्या उम्मीद की जा सकती है। संघर्ष कर रहे किसान पहले ही घोषणा कर चुके हैं आगामी 8 दिसंबर को भारत बंद किया जाएगा। अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे किसानों के समर्थन में धीरे-धीरे छात्र, युवा वर्ग, ट्रांसपोर्टर और विदेशों में रह रहे भारतीयों ने भी समर्थन देना शुरू कर दिया है वही पंजाब से दिल्ली हवाई यात्रा कर पहुंचने वाले लोगों ने किसानों की मांग को जायज ठहराया और अतिरिक्त खर्चा होने पर भी खुशी जताई और किसानों के समर्थन की घोषणा करते नजर आए। अभी किसानों का संघर्ष समाप्त होने वाला नहीं है क्योंकि दोनों अपने अपने जिद पर अड़े हैं।